शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2010

होली का मस्त धमाल

लड़का - आज तुम्हारा गोरा बदन गोरी कर देंगे हम लाल , ये है होली का मस्त धमाल ।
लड़की - दूर से ही रंग डालो संवरिया समझ रही तेरी चाल ,गलेगी नहीं यहाँ तेरी दाल ।
लड़का - आज नहीं छोड़ेंगे तुमको भले ही दोगी गारी , चाहे भींगेगी तेरी चोली -चाहे भींगे सारी।
लड़की - प्यार में तेरे तन -मन पहले ही रंग डाला , उस पे दूजा रंग चढ़े क्या प्यार जिसे रंग डाला ।
लड़का - करो ना कोई आज बहाना -फेंको ना कोई जाल , ये है होली का मस्त धमाल ।
लड़की -रंग डाला है अंग -अंग सजना बंद करो अब होली ,भींग गई मेरी धानी चुनरिया भींगी रेशमी चोली ।
लड़का - खुल के खेलो फाग सजनिया -काहे तू घबराये ,चाँद से मुखड़े पर ये जुल्फें नाहक ही बिखराए ।
लड़की - दूर से ही मारो पिचकारी -छू मत गोरे गाल ,गलेगी नहीं यहाँ तेरी दाल ।
लड़का - पिचकारी का रंग रंग रंगीलों जाति-धर्म ना माने ,चुन -चुन कर एक -एक को रंग दे उंच -नीच ना माने ।
लड़की - बरसा है रंगों का सावन -धरती के आँगन में ,अब ना होगा कांटा-होगा गुल ही गुल गुलशन में ।
लड़का - मैल दिलों का धुल जाते हैं -होते सब खुशहाल , ये है होली का मस्त धमाल ।
होली मुबारक
गीतकार -सतीश मापतपुरी

गुरुवार, 25 फ़रवरी 2010

युगल होली गीत

नारी -- पिया फगुआ में हमके गढ़ा द हंसुली ।
मर्द -- हंसुली का चीज धनिया -हंसुली का चीज ह ,गोरिया अंगे -अंग तोहरा लगा देब बिजुली ।
नारी -- पिछले फगुनवा में टारी देहल कहिके , बड़की चिढावे रोज हंसुली पहिन के ।
मुहंवा दबाईके हँसेले मंझली -पिया फगुआ में हमके गढ़ा द हंसुली ।
मर्द --दिल जनि तोड़ धनिया मार जनि ताना ,फगुआ में रूठे बदे खोज ना बहाना ।
हंस द ठठाई के गढ़ा देब हंसुली ,गोरिया अंगे -अंग तोहरा लगा देब बिजुली ।
नारी -- हंसुली गढ़ा द पिया चुनरी रंगा द ,अंचरा में सलमा -सितारा जड़वा द ।
मीना बजार से मंगा द टिकुली ,पिया फगुआ में हमके गढ़ा द हंसुली
मर्द -- अंगुठा लगवाल धनिया कागज पे लिखाल,सोनरा बोलाके अबे हंसुली गढ़ाल ।
चुनरी रंगाईदेब लिया देब टिकुली , गोरिया अंगे -अंग तोहरा लगा देब बिजुली ।
होली मुबारक
गीतकार - सतीश मापतपुरी
मोबाइल -9334414611

सचिन को बधाई

क्रिकेट के युग पुरुष सचिन को हार्दिक बधाई देते हुए उनके शतायु होने की कामना करता हूँ ।
भोजपुरी -परिवार के सब लोगन के सतीश मापतपुरी के प्यार भरल सलाम अउरी होली के रंगीन बधाई ।