बहेला बिकास के बयरिया - बिहंस उठल खेतवा -बधरिया.
अब ना बिहार आपन केहू के मोहताज बा , ना जाइब बहरा अब एहिजे काम -काज बा .
दुसरो के भर देब अंजुरिया- बिहंस उठल खेतवा -बधरिया.
खेतवा में लहरेला धनवा के बलिया , अब ना मुआर होई गेहुँवा -मसुरिया .
खेते -खेते टिउबेल-नहरिया - बिहंस उठल खेतवा -बधरिया.
धनिया कहेले एजी सुनी हमार बतिया , अब इस्कूल जाई हमरो परबतिया .
नाहीं माजी घर में लोटा -थरिया -बिहंस उठल खेतवा -बधरिया.
अब का फिकिर गोरी भाग चड़चड़आइल ,गाँव से शहर तक सड़क पिटाइल.
फसल बेचब हटिया -बजरिया -बिहंस उठल खेतवा -बधरिया .
अपना लेखा बचवन के हम ना बनाइब,पुरी हम ना पढ़ली बाकिर उनके पढ़ाइब .
उहो करिहन हाकिम बन नोकरिया -बिहंस उठल खेतवा -बधरिया .
गीतकार - सतीश मापतपुरी
मोबाइल -09334414611
शनिवार, 20 मार्च 2010
रविवार, 7 मार्च 2010
स्वयंसिद्धा (अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च पर विशेष )
माता बन ममता दान किया . बन बहन कवच का काम किया .
प्रेयसी बन प्यार लुटाती है . पत्नी बन सेज सजाती है .
सुकुमार है वो -कमजोर नहीं . शर्मीली है -मुहंचोर नहीं .
करती है जो सिंह सवारी . नाम है उसका जग में नारी .
लाल किया तारीख का पन्ना. लक्ष्मी -रज़िया ,चाँद -चेन्नमा .
आज कमर कसकर निकली है कलियुग में फिर दुर्गा .
समर में स्वयं को सिद्ध करे जो , कहलाती स्वयंसिद्धा .
गीतकार -- सतीश मापतपुरी
मोबाइल - 9334414611
प्रेयसी बन प्यार लुटाती है . पत्नी बन सेज सजाती है .
सुकुमार है वो -कमजोर नहीं . शर्मीली है -मुहंचोर नहीं .
करती है जो सिंह सवारी . नाम है उसका जग में नारी .
लाल किया तारीख का पन्ना. लक्ष्मी -रज़िया ,चाँद -चेन्नमा .
आज कमर कसकर निकली है कलियुग में फिर दुर्गा .
समर में स्वयं को सिद्ध करे जो , कहलाती स्वयंसिद्धा .
गीतकार -- सतीश मापतपुरी
मोबाइल - 9334414611
गुरुवार, 4 मार्च 2010
सचिन भारत -रत्न के लिए योग्य है
भारत के करिश्माई क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर हर तरह से भारत -रत्न के योग्य हैं । खेल को भी भारत -रत्न की श्रेणी में शामिल करना चाहिए ।
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